Retail Export Scheme का अंत और ब्रेक्सिट के बाद यूके में टैक्स-फ़्री शॉपिंग

01/11/2022

ब्रेक्सिट की संक्रमण अवधि 31 दिसंबर 2020 को समाप्त होने के बाद, यूके सरकार ने VAT-मुक्त खरीदारी का दायरा EU नागरिकों सहित सभी विदेशी पर्यटकों तक बढ़ाने और ग्रेट ब्रिटेन में VAT Retail Export Scheme (VAT RES), यानी खुदरा निर्यात पर VAT रिफंड योजना, बंद करने का निर्णय लिया। टैक्स-फ़्री खरीदारी के पुराने नियम केवल उत्तरी आयरलैंड में लागू रहेंगे; अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें। इस लेख में सरकार के निर्णय पर Airvat की व्याख्या और भविष्य की नीति के लिए सुझाव दिए गए हैं।

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पृष्ठभूमि

ब्रेक्सिट की तैयारी में, ब्रिटेन के कर और सीमा-शुल्क विभाग HMRC ने टैक्स-फ़्री खरीदारी योजना, जिसका औपचारिक नाम Retail Export Scheme है, की समीक्षा के लिए परामर्श प्रक्रिया चलाई। इसमें योजना से जुड़ी दो समस्याएँ सामने आईं।

पहली, Global Blue और Planet जैसे स्थापित रिफंड ऑपरेटर आमतौर पर पर्यटकों से ऊँची फ़ीस लेते हैं। यह VAT राशि का 30–50% तक हो सकती है। इसमें लेन-देन की श्रृंखला से जुड़ी साझेदार कंपनियों के छिपे भुगतान शुल्क और प्रतिकूल मुद्रा विनिमय दरें भी शामिल हो सकती हैं। नतीजतन, पर्यटकों को VAT रिफंड प्रोत्साहन का पूरा लाभ नहीं मिलता, जबकि योजना मूल रूप से इसी उद्देश्य से बनाई गई थी।

दूसरी, योजना का उपयोग मुख्य रूप से लंदन के वेस्ट एंड की लग्ज़री दुकानों, बड़े डिपार्टमेंट स्टोर और Bicester Village आउटलेट परिसर में केंद्रित है। भाग लेने की बाधाओं और ऊँची लागत के कारण अधिकांश स्वतंत्र और क्षेत्रीय दुकानें व्यावहारिक रूप से बाहर रह जाती हैं, या कम कारोबार के चलते स्थापित ऑपरेटरों से पर्याप्त सेवा नहीं पातीं। Airvat के आंतरिक आँकड़ों पर आधारित अनुमान के अनुसार, भाग लेने वाले पाँच सबसे बड़े रिटेलर RES के लगभग 40% कारोबार के लिए ज़िम्मेदार हैं।

VAT RES का विस्तार और आधुनिकीकरण

हमारा मानना है कि योजना बंद करने के निर्णय का एक और प्रमुख कारण ब्रेक्सिट की संक्रमण अवधि के बाद EU नागरिकों के VAT रिफंड दावों में संभावित बढ़ोतरी थी। इस विस्तार को संभालने के लिए कोई काम करने वाला डिजिटल समाधान न होने पर प्रशासनिक लागत और जोखिम बहुत अधिक होते।

Retail Export Scheme ऐतिहासिक रूप से कागज़ पर चलती थी और राष्ट्रीय निर्यात प्रक्रियाओं तथा लेखांकन से अलग-थलग थी। इससे HMRC के लिए इसकी निगरानी कठिन होती थी। अन्य निर्यातकों को मानकीकृत घोषणाएँ जमा करनी होती थीं, लेकिन RES के रिटेलर और रिफंड ऑपरेटर अपने सरल निर्यात दस्तावेज़ जारी कर सकते थे, जिन्हें VAT407 फ़ॉर्म कहा जाता था।

HMRC कई वर्षों से RES को डिजिटल बनाने का प्रयास कर रहा था, फिर भी ब्रेक्सिट संक्रमण अवधि समाप्त होने तक इसे पूरा करने की कोई योजना नहीं थी। उस समय EU नागरिकों के शामिल होने से लेन-देन की मात्रा तीन गुना होने की उम्मीद थी।

ब्रेक्सिट से पहले सभी VAT रिफंड दावों में से 95% से अधिक केवल दो ब्रिटिश हवाई अड्डों, हीथ्रो और गैटविक, पर सत्यापित होते थे। वहाँ आवश्यक सीमा-शुल्क प्रक्रिया काम कर रही थी। ब्रेक्सिट के बाद, मुख्यतः यूरोप की कम दूरी वाली उड़ानों को सेवा देने वाले कम से कम चार और बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को योजना का विस्तार संभालने के लिए अपनी सीमा-शुल्क प्रक्रियाएँ सुधारनी पड़तीं।

ग्रेट ब्रिटेन में Retail Export Scheme का अंत निराशाजनक है, लेकिन हम सरकार की इस चिंता को समझते हैं कि बढ़ते प्रशासनिक काम को संभालने के लिए आसानी से विस्तारित किया जा सकने वाला डिजिटल सिस्टम मौजूद नहीं था। इसलिए ब्रेक्सिट और कोविड से जुड़ी अन्य अधिक तात्कालिक समस्याओं के बीच यह अलोकप्रिय, लेकिन व्यावहारिक निर्णय क्यों लिया गया, इसे समझा जा सकता है।

उत्तरी आयरलैंड में VAT Retail Export Scheme के बदलाव

उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल के अंतर्गत EU और उत्तरी आयरलैंड के बीच वस्तुओं के व्यापार संबंध अधिकांशतः अपरिवर्तित रहेंगे। इसका अर्थ है कि VAT RES उत्तरी आयरलैंड में गैर-EU देशों से आने वाले आगंतुकों पर लागू रहेगा, लेकिन ग्रेट ब्रिटेन से आने वालों पर नहीं।

Airvat, संक्रमण अवधि खत्म होने से ठीक पहले प्रकाशित उत्तरी आयरलैंड के VAT RES दिशानिर्देशों के नवीनतम संशोधन का स्वागत करता है। इसमें भविष्य की सोच और सुधार की इच्छा दिखाई देती है। HMRC ने रिफंड कंपनियों के वैकल्पिक कामकाजी मॉडल स्वीकार किए हैं और दुकानों को पात्रता की डिजिटल जाँच की अनुमति दी है।

संचालन नियमों में ये प्रगतिशील बदलाव नए तकनीकी स्टार्टअप की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देंगे और योजना को आगे चलकर कागज़-रहित बनाने की तैयारी करेंगे। हमें उम्मीद है कि यदि यूके के बाकी हिस्सों में योजना फिर शुरू होती है, तो यही ढाँचा भविष्य के डिजिटल VAT RES का आधार बनेगा।

ग्रेट ब्रिटेन में RES के विकल्प के रूप में VAT-मुक्त खरीदारी: इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड

1 जनवरी 2021 से VAT-मुक्त खरीदारी EU नागरिकों सहित यूके आने वाले सभी आगंतुकों तक बढ़ा दी गई। इससे पर्यटक अपनी निजी खरीद पर ब्रिटिश VAT देने से बच सकते हैं, बशर्ते सामान सीधे विदेश में उनके घर के पते पर भेजा जाए। हम सरकार की इस मंशा का स्वागत करते हैं कि सभी आगंतुकों को खरीदारी पर VAT में कमी का लाभ मिले, लेकिन नए नियमों को RES का बराबर विकल्प नहीं मानते।

जब सामान व्यक्ति खुद साथ लेकर आता है, तो गंतव्य देश में कर और सीमा-शुल्क से छूट की न्यूनतम सीमा कहीं अधिक होती है; विस्तृत जानकारी यहाँ देखें। इससे पर्यटक वही सामान घर भेजने के बजाय अपने सामान में साथ ले जाने को प्राथमिकता देते हैं। Airvat के पाँच प्रमुख निर्यात गंतव्य देशों में पर्यटकों की बैगेज में लाए गए सामान के लिए औसत छूट सीमा £690 है। वही वस्तुएँ सीधे विदेश में पर्यटक के घर भेजने पर यह सीमा घटकर केवल £215 रह जाती है।

2020 में Airvat का प्रति यात्री औसत निर्यात मूल्य लगभग £500 था। इसे देखते हुए स्पष्ट है कि पर्यटक टैक्स-फ़्री सामान भेजने के बजाय अपने साथ ले जाना अधिक पसंद करेंगे। इसके अलावा, शिपिंग और बीमा की लागत भी नए VAT-मुक्त खरीदारी नियमों के उपयोग को सीमित करेगी।

सार्वजनिक लागत और लाभ

अच्छी तरह काम करने वाली टैक्स-फ़्री खरीदारी योजना के स्पष्ट सार्वजनिक लाभ हैं। पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाले कई बड़े देशों, जैसे चीन, रूस और यूएई, ने हाल में आगंतुकों के लिए ऐसी खरीदारी आसान बनाने वाली योजनाएँ अपनाई हैं। फ़्रांस और इटली जैसे स्थापित पर्यटन स्थलों ने अपनी योजनाएँ बहुत पहले डिजिटल बना दी थीं।

2013 में VAT RES पर हुई पिछली परामर्श प्रक्रिया में भी HMRC ने खुद माना था कि यह योजना “हमारे आगंतुकों के खरीदारी अनुभव में अहम भूमिका निभाती है और ब्रिटेन को पैसे के लिहाज़ से अच्छा खरीदारी गंतव्य मानने की उनकी धारणा पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।” लगता है कि केवल आठ वर्ष पहले योजना के लाभ स्पष्ट थे और ध्यान इसकी व्यवहार्यता पर सवाल उठाने के बजाय इसे बेहतर बनाने पर था।

2019 में यूके में 4.09 करोड़ विदेशी आगंतुक आए और उन्होंने कुल £28.4 अरब खर्च किए। VisitBritain के अनुसार, 58% यात्राओं में खरीदारी शामिल होती है और पर्यटकों के कुल खर्च का 25% खरीदारी पर जाता है। अनुमान है कि पर्यटकों के खुदरा खर्च का GDP पर 1.8 गुना गुणक प्रभाव पड़ता है। टैक्स-फ़्री खरीदारी प्रोत्साहनों में कोई भी बदलाव तत्काल पर्यटन खर्च को काफी प्रभावित करेगा और गुणक प्रभाव के कारण व्यापक पर्यटन उद्योग पर उसका असर कई वर्षों तक महसूस होगा।

इसलिए यह मापने के लिए अधिक विस्तृत बजट समीक्षा आवश्यक है कि RES हटाने या उसके स्थान पर आधुनिक योजना लाने से भविष्य के शुद्ध कर संग्रह पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

Retail Export Scheme 2.0

इस पर्यटन प्रोत्साहन को पूरी तरह हटाने के बजाय, Airvat का मानना है कि यूके को एक आधुनिक, प्रभावी RES मिलना चाहिए जो पुरानी योजना की कमियाँ दूर करे और उत्तरी आयरलैंड के नए बदलावों पर आगे बढ़े। इसके लिए भविष्य की किसी भी सुधरी हुई योजना में प्रतिस्पर्धा और डिजिटल व्यवस्था, दोनों ज़रूरी हैं।

प्रतिस्पर्धा

किसी भी नई योजना को ऐसा प्रतिस्पर्धी माहौल बनाना चाहिए जिसमें पर्यटक हर दुकान के संबद्ध प्रदाताओं तक सीमित न रहें, बल्कि कई रिफंड ऑपरेटरों में से सबसे अच्छी और किफ़ायती सेवा सचमुच चुन सकें।

RES का पारंपरिक व्यावसायिक मॉडल, जिसे Direct Reclaim Service (DRS) कहते हैं, अलग-अलग रिटेलरों और उनकी ओर से योजना चलाने वाले रिफंड एजेंटों के बीच द्विपक्षीय समझौतों पर काम करता है। किसी दुकान द्वारा ऑपरेटर चुन लेने के बाद नई कंपनी के लिए उसकी जगह लेना या उसके साथ सेवा देना कठिन होता है। समय के साथ इससे प्रतिस्पर्धा और प्रदाताओं की संख्या कम हुई है। स्थापित ऑपरेटरों के पास दुकानों का बड़ा नेटवर्क होता है, जिससे बाज़ार में उनकी स्थिति और मज़बूत होती गई।

इस व्यवस्था ने बहुत केंद्रित बाज़ार बनाया है, जिसमें केवल दो रिफंड ऑपरेटरों का दबदबा है। यही पर्यटकों से ली जाने वाली ऊँची फ़ीस और छोटे व क्षेत्रीय दुकानदारों को प्रभावी भागीदारी दिलाने वाले नवाचार की कमी का कारण है।

जब RES पहली बार शुरू हुआ, तब वैकल्पिक व्यवस्थाएँ संभव बनाने वाली तकनीक मौजूद नहीं थी। लेकिन जैसा हाल में टैक्सी और खुदरा बैंकिंग जैसे अन्य बड़े क्षेत्रों में हुआ है, अनुकूल नियामक ढाँचा मिलने पर नई तकनीक प्रतिस्पर्धा, बेहतर समाधान और कम लागत ला सकती है।

डिजिटलीकरण

डिजिटलीकरण के तीन संभावित रास्ते हैं। पहला, सरकार खास तौर पर RES के लिए आईटी ढाँचा विकसित करवाए। आदर्श स्थिति में यह अच्छा समाधान होगा, लेकिन वास्तविकता में महँगा पड़ेगा और इसे तैयार करने में लंबा समय लगेगा।

दूसरा, कोई स्थापित रिफंड ऑपरेटर अपनी तकनीक का लाइसेंस “मुफ़्त” दे सकता है। यह तेज़ और आसान उपाय लग सकता है, लेकिन इससे भविष्य की प्रतिस्पर्धा और नवाचार सीमित होने की आशंका है। ऐसे में नया डिजिटल RES भी पर्यटकों को निराशाजनक परिणाम देता रहेगा।

तीसरा, आधुनिक Customs Declaration Service (CDS) को संचालन प्लेटफ़ॉर्म बनाया जा सकता है। HMRC इसे CHIEF की जगह धीरे-धीरे लागू कर रहा है। यह सबसे व्यावहारिक समाधान होगा, जिससे बहुत अधिक अतिरिक्त सार्वजनिक खर्च या योजना-निर्माण के बिना RES को अपेक्षाकृत जल्दी डिजिटल बनाया जा सकेगा। सभी खुदरा निर्यात को एक राष्ट्रीय निर्यात प्रणाली में लाने से HMRC कानून के पालन के लिए सभी VAT दावों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी भी कर सकेगा।

यदि RES के लिए CDS ढाँचा अपनाया जाता है, तो दुकानों और यात्रियों को योजना से जोड़ने का मुख्य काम और खर्च निजी तकनीकी कंपनियाँ उठाएँगी। इससे सरकार को नया आईटी ढाँचा विकसित करने या उसके लिए अतिरिक्त बजट रखने की ज़रूरत नहीं रहेगी।

मौजूदा CDS ढाँचे को अपनाने की एकमात्र अतिरिक्त लागत हवाई अड्डों पर डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया लागू करना होगी। आगे चलकर व्यावसायिक निर्यात के लिए भी इसकी ज़रूरत पड़नी ही है, इसलिए RES जोड़ने से खर्च बहुत बढ़ने की संभावना नहीं है।

पर्यटकों द्वारा हवाई अड्डे के सीमा-शुल्क पर इलेक्ट्रॉनिक स्व-सत्यापन दुनिया की अन्य डिजिटल RES योजनाओं में पहले से व्यापक रूप से स्वीकार किया गया तरीका है। पासपोर्ट के ई-गेट की तरह इससे VAT रिफंड दावे संभालने वाले Border Force अधिकारियों का काम कम होगा। तकनीक आमतौर पर जोखिम-आधारित एल्गोरिदम से जाँच के लिए यात्रियों का चयन करती है। स्वचालन, निरीक्षण और गलत जानकारी देने पर कड़ी सज़ा का सही मेल सीमा-शुल्क की कतारों और धोखाधड़ी वाले दावों, दोनों को घटाने का व्यापक समाधान होगा।

अंतिम विचार

हमें उम्मीद है कि इस लेख में दिए गए Airvat के अनुभव और विचार सार्वजनिक चर्चा को बेहतर बनाएँगे और नीति संबंधी निर्णयों में मदद करेंगे। सरकार ने उत्तरी आयरलैंड के VAT RES दिशानिर्देशों को अद्यतन करके सही दिशा में कदम उठाए हैं और सुधार की इच्छा दिखाई है। हम चाहते हैं कि ब्रेक्सिट से आए बड़े बदलाव यूके में पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक RES के लिए प्रेरक बनें।

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